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चेक बाउंस केस में बचाव कैसे करें | How to defend in check bounce case | part 01
चेक बाउंस का मुकदमा आरोपी आसानी से परी वादी के गलतियों का सहारा लेकर जी सकता है तकनीकी त्रुटियों के आधार पर आरोपी चेक बाउंस का मुकदमा कैसे जी सकता है इसके लिए हमें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की साइट पर दिया गया लिंग की कोर्ट क्रिकेटर का उपयोग करके आसानी से जी सकते हैं जिसमें हमें सिर्फ डेट वाइज डेट डालना होता है कि 21 तारीख को जारी किया गया किस तारीख को बाउंस हुआ किस तारीख को नोटिस जारी किया गया तथा किस तारीख को परिवाद प्रस्तुत किया गया इसके आधार पर कैलकुलेटर आसानी से बता देता है कि आपका केसरी में चोर है या यार टाइम वार्ड है इसके अलावा अनऑथराइज्ड फाइनेंसर के द्वारा प्रस्तुत किया गया परिवाद भी खारिज किए जाने योग्य होता है जिस में भी आरोपी आसानी से बाइज्जत बरी हो जाता है तीसरा महत्वपूर्ण तथ्य सिक्योरिटी चेक का होता है सिक्योरिटी चेक को साबित करने के लिए बैंक स्टेटमेंट का सहारा लिया जा सकता है
- https://youtu.be/m4lsoVxuKFM
- Hindi
- Tech Legal S4
चेक बाउंस केस में बचाव कैसे करें | How to defend in check bounce case | cheque bounce 2022 | part 01
Author
Tech Legal S4
Video Category
Negotiable Instruments
Language
hindi
Highlights
चेक बाउंस केस में बचाव कैसे करें | How to defend in check bounce case | part 01
चेक बाउंस का मुकदमा आरोपी आसानी से परी वादी के गलतियों का सहारा लेकर जी सकता है तकनीकी त्रुटियों के आधार पर आरोपी चेक बाउंस का मुकदमा कैसे जी सकता है इसके लिए हमें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की साइट पर दिया गया लिंग की कोर्ट क्रिकेटर का उपयोग करके आसानी से जी सकते हैं जिसमें हमें सिर्फ डेट वाइज डेट डालना होता है कि 21 तारीख को जारी किया गया किस तारीख को बाउंस हुआ किस तारीख को नोटिस जारी किया गया तथा किस तारीख को परिवाद प्रस्तुत किया गया इसके आधार पर कैलकुलेटर आसानी से बता देता है कि आपका केसरी में चोर है या यार टाइम वार्ड है इसके अलावा अनऑथराइज्ड फाइनेंसर के द्वारा प्रस्तुत किया गया परिवाद भी खारिज किए जाने योग्य होता है जिस में भी आरोपी आसानी से बाइज्जत बरी हो जाता है तीसरा महत्वपूर्ण तथ्य सिक्योरिटी चेक का होता है सिक्योरिटी चेक को साबित करने के लिए बैंक स्टेटमेंट का सहारा लिया जा सकता है
चेक बाउंस का मुकदमा आरोपी आसानी से परी वादी के गलतियों का सहारा लेकर जी सकता है तकनीकी त्रुटियों के आधार पर आरोपी चेक बाउंस का मुकदमा कैसे जी सकता है इसके लिए हमें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की साइट पर दिया गया लिंग की कोर्ट क्रिकेटर का उपयोग करके आसानी से जी सकते हैं जिसमें हमें सिर्फ डेट वाइज डेट डालना होता है कि 21 तारीख को जारी किया गया किस तारीख को बाउंस हुआ किस तारीख को नोटिस जारी किया गया तथा किस तारीख को परिवाद प्रस्तुत किया गया इसके आधार पर कैलकुलेटर आसानी से बता देता है कि आपका केसरी में चोर है या यार टाइम वार्ड है इसके अलावा अनऑथराइज्ड फाइनेंसर के द्वारा प्रस्तुत किया गया परिवाद भी खारिज किए जाने योग्य होता है जिस में भी आरोपी आसानी से बाइज्जत बरी हो जाता है तीसरा महत्वपूर्ण तथ्य सिक्योरिटी चेक का होता है सिक्योरिटी चेक को साबित करने के लिए बैंक स्टेटमेंट का सहारा लिया जा सकता है
